सेंसेक्स 460 अंक गिरकर 73,249 पर बंद, निफ्टी 22,687 पर: कच्चे तेल ने बढ़ाया दबाव

भारतीय शेयर बाज़ार में गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को लगातार गिरावट का दौर जारी रहा। बीएसई सेंसेक्स 460.30 अंक यानी 0.62 प्रतिशत फिसलकर 73,249.39 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 123.70 अंक (0.54 प्रतिशत) की गिरावट के साथ 22,687.65 पर टिका। दोनों रिपोर्टों के अनुसार बाज़ार पर सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की ऊँची कीमतों का रहा।
बाज़ार का आँकड़ा एक नज़र में
| सूचकांक | बंद स्तर | बदलाव |
|---|---|---|
| सेंसेक्स | 73,249.39 | −460.30 अंक (−0.62%) |
| निफ्टी 50 | 22,687.65 | −123.70 अंक (−0.54%) |
सेंसेक्स 30 बड़ी कंपनियों का और निफ्टी 50 एनएसई की 50 बड़ी कंपनियों का सूचकांक है। इसलिए जब दोनों एक साथ गिरते हैं, तो इसका मतलब होता है कि गिरावट कुछ ही शेयरों तक सीमित नहीं, बल्कि व्यापक रही।
तेल की कीमतें और रिलायंस पर असर
रिपोर्टों के मुताबिक ब्रेंट कच्चा तेल 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार करता रहा, और कुछ रिपोर्टों में यह 112 डॉलर के पार बताया गया। भारत अपनी ज़रूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए महँगा तेल देश के आयात बिल, महँगाई और कंपनियों की लागत को लेकर चिंता बढ़ाता है। सेंसेक्स के शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज़ सबसे ज़्यादा कमज़ोर रहा और 2.59 प्रतिशत टूटा। एचडीएफसी बैंक भी सूचकांकों पर भारी पड़ने वाले शेयरों में रहा।
आगे किन बातों पर नज़र
निवेशक अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की 27–28 अक्टूबर की नीति बैठक से पहले सतर्क दिखे। तेल की चाल और वैश्विक ब्याज दरों के संकेत आने वाले सत्रों में बाज़ार की दिशा तय करने वाले अहम कारक बने रह सकते हैं। ध्यान रहे कि यहाँ दिए गए आँकड़े 22 अक्टूबर के बंद भाव के हैं और अगले कारोबारी दिन बदल सकते हैं।
यह निवेश सलाह नहीं है।





